परिवार पहचान पत्र के माध्यम से स्वचालित बनेगी दिव्यांगजनों की पेंशन

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भिवानी ।

सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को निरंतर क्रिन्यावित कर रही है। पीपीपी के माध्यम से स्वचालि ही अनेक पेंशन योजनाएं एक्टिव हो रही हैं, इसी के साथ दिव्यांगजनों की पेंशन भी बनेगी। सरकार ने प्रो-एक्टिव दिव्यांग पेंशन सेवा, ताऊ से पूछो व्हाट्सएप बॉट सेवा की शुरुआत कर दी है। ई-गवर्नेंस से सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस पहल से प्रदेशवासी डिजिटल रूप से और अधिक सशक्त बनेंगे और बॉट के माध्यम से संवाद कर अपनी समस्याओं का हल पूछेंगे।
उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को उनके घर द्वार पर देने के लिए वचनबद्ध है। स्वचालि योजनाओं की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) को ऑटोमेटेड पेंशन का लाभ देने का फैसला किया है। सरकार ने दिव्यांग पेंशन को भी परिवार पहचान पत्र से जोडक़र आटोमेटिक रूप से पेंशन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। परिवार सूचना डेटा में 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग के रूप में सत्यापित दिव्यांगों के प्रासंगिक डेटा को हर महीने हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र पाए गए ऐसे सभी दिव्यांगजनों का डेटा योजना द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड के अनुसार सेवा विभाग के साथ साझा किया जाएगा।
डीसी नरवाल ने बताया कि सेवा विभाग के जिला अधिकारी पेंशन शुरू करने के लिए इन नागरिकों की सहमति लेने के लिए उनके पास जाएंगे। सहमति प्रदान करने वाले सभी दिव्यांगों की अगले महीने से पेंशन शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब ऐसे सभी लाभार्थियों को अपना लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मेरापरिवार.हरियाणा.जीओवी.आईएन पोर्टल पर वेब बेस्ड चैट बॉट सॉल्यूशन के साथ-साथ ‘ताऊ से पूछो‘ नामक व्हाट्सएप बॉट की भी शुरुआत की गई है। सरकार ने परिवार पहचान नंबर जारी करने के लिए हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण की स्थापना की हुई है।
उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में नागरिकों की विशाल संख्या के विभिन्न सवालों के जवाब देना एक बड़ा कठिन कार्य है। इसके समाधान के लिए हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण ने वेब बेस्ड चैट बॉट सॉल्यूशन के साथ-साथ ताऊ से पूछो व्हाट्सएप बॉट बनाया है। व्हाट्सएप के साथ एकीकृत ताऊ से पूछो नामक व्हाट्सएप बॉट नागरिकों के प्रश्नों का तुरंत जवाब देगा। यह सबके लिए आसानी से सुलभ होगा और नागरिक अपने घर बैठे सरलता से व्हाट्सएप पर संवाद कर सकेंगे। इस इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी तकनीकों को जोड़ा गया है। इस प्लेटफार्म से नागरिकों के साथ-साथ सरकार का समय भी बचेगा। प्राप्त प्रश्नों का विश्लेषणात्मक अध्ययन निश्चित रूप से शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया में सहायक सिद्ध होगा।
उपायुक्त नरवाल ने बताया कि नागरिक आय प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पेंशन, और शिकायतों व समस्याओं सहित विभिन्न सेवाओं के लिए अपने आवेदनों की प्रगति की जांच कर सकेंगे और नागरिक विभिन्न डेटा फील्ड की स्थिति के साथ-साथ आय, विवाह प्रमाण पत्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन कार्ड, जाति, पेंशन और शिकायतों जैसी सेवाओं के बारे में प्रश्न पूछ सकेंगे। एकीकृत ताऊ और व्हाट्सएप बॉट परिवार पहचान संख्या से संबंधित प्रासंगिक प्रश्नों का उत्तर देगा। परिवार द्वारा आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता, सरकारी नियमों और विभिन्न कार्यक्रमों के लाभों पर सलाह लेने के लिए एकीकृत ताऊ से पूछो व व्हाट्सएप बॉट के साथ संवाद किया जा सकता है। उपायुक्त ने आमजनमानस से आह्वïान किया है कि वे घर बैठे ही सरकार द्वारा दी जा रही ऑनलाईन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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