जल संचयन के स्रोत आने वाली पीढिय़ों के भी काम आएंगे: नरवाल

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जल शक्ति अभियान
जल संचयन के स्रोत आने वाली पीढिय़ों के भी काम आएंगे: नरवाल
सभी विभाग निर्धारित समय में पूरा करें अपने-अपने टारगेट
भिवानी हलचल 01 जुलाई।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्री नरवाल ने कहा कि जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे स्रोत आने वाली पीढिय़ों के भी काम आएंगे। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को व्यर्थ न जाने दें। जल शक्ति अभियान में शामिल जल संचयन के स्रोत पुराने तालाबों, कुओं व टैंक आदि का जीर्णाेद्धार करने के साथ-साथ पौधारोपण भी करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने टारगेट निर्धारित समयावधि में पूरा करें।
अतिरिक्त उपायुक्त श्री नरवाल ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत कृषि विभाग द्वारा हर गांव में एक महीने में एक जागरूकता मेला लगाया जाना है, यह अभियान नवंबर माह तक चलेगा। उन्होंंने कहा कि गांवों में किसान व आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान में कैच दॉ रेन शामिल है, जिसमें बारिश के पानी की एक-एक बूंद का संचय करना है। इसके लिए सरकारी इमारतों में रेन वाटर हार्वेसटिंग सिस्टम बनाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों में रेन वाटर हार्वेसटिंग सिस्टम बनाना सुनिश्चित करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कृषि विभाग, पंचायत विभाग, पंचायती राज, लोक निर्माण विभाग, स्थानीय नगर निकाय, भू-संरक्षण, वन विभाग जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुशल कटारिया ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उनके द्वारा जल शक्ति अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों को पोर्टल पर जरूर अपडेट करें। बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश रवेश कुमार, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा सहित पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज आदि सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।