मछली पालन मेें महिलाएं भी कर रही खूब कमाई

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भिवानी/सिवानी।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, पशुपालकों व मच्छली पालन को बढावा देने के लिए नई-नई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल के प्रयासों से विभाग द्वारा सस्ती दरों पर ऋण मुहैया करवाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुडक़र अपनी आमदनी बढाएं। इन योजनाओं का लाभ न केवल पुरुष बल्कि महिलाएं भी फायदा उठा रही हैं। मच्छली पालन में तो महिलाएं भी आगे आकर इस व्यवसाय को अपना रही हैं। झींगा मच्छली पालकों में सिवानी से विद्या देवी का नाम भी मुख्य रूप से शामिल है, जो कि एक सफल मच्छली पालक बन चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पशुपालन की तरह ही जिला में झींगा मछली पालन का व्यवसाय भी खूब फलने-फूलने लगा है। लोगों का झींगा पालन के प्रति रूझान दिन-प्रति दिन बढ रहा है। पुरूषों के अलावा अब महिलाएं भी झींगा मछली पालन कर अच्छी खासी कमाई कर रही हैं। झींगा मछली पालन को लेकर डीसी नरेश नरवाल द्वारा भी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लोगों को जागरूक करें। महिलाओं द्वारा झींगा पालन करना आत्मनिर्भरता की एक तरफ बढ़ता कदम है।
प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल द्वारा किसानों की आय को बढ़ाने के लिए कृषि, बागवानी के साथ-साथ मछली पालन पर पूरा जोर दिया जा रहा है। जिला मत्स्य अधिकारी सिकंदर सांगवान ने बताया कि जिला में फिलहाल करीब 225 एकड़ में झींगा पालन किया जा रहा है। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी झींगा पालन को अपनाकर लाखों रूपए कमा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर लगाकर लोगों को झींगा पालन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लोग झींगा पालन हेतू सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि का लाभ उठा रहे हैं। झींगा पालन का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। झींगा पालन खारे पानी में होता है, जो कि सिवानी व लोहारू क्षेत्र में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मछली पालन के लिए महिला व अनुसूचित जाति को 60 प्रतिशत, सामान्य वर्ग व पिछड़े वर्ग को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है।
अखबार में मत्स्य पालन की खबर पढक़र शुरू किया झींगा मछली पालन: विद्या
विद्या देवी ने बताया कि उनके पति मुकेश कुमार ने एक दिन अखबार में झींगा मछली पालन के बारे में देखा और फिर झींगा पालन के बारे में विभाग व नेट के जरिए पूरी जानकारी ली। फिर उन्होंने झींगा पालन के बारे में जानने का फैसला लिया। उन्होंने मत्स्य विभाग के सहयोग से झींगा पालन का काम शुरू किया तथा वे अब अच्छा मुनाफा भी कमा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से उन्होंने झींगा पालन शुरू किया था और आज सात लाख रूपए सालान कमा रही हैं। विद्या ने बताया कि 4.5 क्विंटल मछली 400 रूपए प्रति कि.ग्रा. के हिसाब से झींगा मछली को बेचा तो 18 लाख रूपए की कुल आमदनी हुई, जिसमें से 11 लाख रूपए झींगा पालन पर खर्च हुआ था। इस प्रकार सात लाख रूपए की औसतन आमदनी हुई है। विद्या ने बताया कि आज झींगा पालन उसके लिए अच्छा व सहीं व्यवसाय साबित हो रहा है। विद्या आज एक सफल मछली पालक की श्रेणी में शामिल हो चुकी है।
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